Usha Kiran Yojana 2025: घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं और बच्चों का अभेद्य कवच, जानें पूरी डिटेल

Usha Kiran Yojana 2025

By: Taaza Trust

On: Friday, December 19, 2025 8:04 PM

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Usha Kiran Yojana 2025: एक स्वस्थ समाज की नींव तभी मजबूत होती है जब उस समाज की महिलाएं और बच्चे सुरक्षित महसूस करें। विडंबना यह है कि आज भी कई घरों की चारदीवारी के पीछे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं है।

घरेलू हिंसा केवल शारीरिक चोट तक सीमित नहीं होती, बल्कि आर्थिक पाबंदी और अपमानजनक व्यवहार भी इसी का हिस्सा हैं। इन्हीं समस्याओं को जड़ से मिटाने और पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने Usha Kiran Yojana को एक मिशन के रूप में संचालित किया है।

यह योजना ‘घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005’ के प्रावधानों को धरातल पर उतारने का काम करती है, ताकि कोई भी पीड़ित महिला या बच्चा खुद को असहाय न समझे।

उषा किरण योजना का मुख्य स्वरूप

Usha Kiran Yojana का प्राथमिक लक्ष्य घरेलू हिंसा (Domestic Violence) की शिकार महिलाओं और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को त्वरित राहत पहुँचाना है। यह योजना केवल कागजी अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पीड़ित को उस दमघोंटू माहौल से बाहर निकालकर एक सुरक्षित छत प्रदान करने का भरोसा देती है।

सरकार ने इस योजना के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि घर के भीतर होने वाला अपराध कोई निजी मामला नहीं है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय है। चाहे मामला शारीरिक शोषण का हो, मानसिक उत्पीड़न का या फिर आर्थिक नियंत्रण का, उषा किरण योजना हर मोड़ पर पीड़ित के साथ खड़ी नज़र आती है।

योजना के तहत मिलने वाली बहुआयामी सहायता

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें पीड़ित को एक ही स्थान पर कई तरह की मदद उपलब्ध कराई जाती है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • तत्काल सुरक्षा: यदि महिला या बच्चे की जान को खतरा है, तो उन्हें तुरंत हिंसक वातावरण से हटाकर सुरक्षित आश्रय (Shelter Home) में पहुँचाया जाता है।
  • परामर्श और काउंसलिंग: हिंसा से उपजे मानसिक तनाव को कम करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychological Counseling) दिया जाता है।
  • मुफ्त कानूनी सहायता: जो महिलाएं वकील की फीस वहन नहीं कर सकतीं, उन्हें इस योजना के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह और अदालती कार्यवाही में मदद दी जाती है।
  • वन स्टॉप सेंटर (Sakhi): कई जिलों में स्थापित इन सेंटर्स के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, और कानून की मदद एक ही छत के नीचे मिल जाती है, जिससे पीड़ित को भटकना नहीं पड़ता।

पात्रता और अधिकार

इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता के मापदंडों को बहुत ही मानवीय और सरल रखा गया है:

  1. सभी महिलाएं: चाहे महिला विवाहित हो, अविवाहित हो, विधवा हो या लिव-इन रिलेशनशिप में हो, यदि वह घरेलू हिंसा का शिकार है, तो वह इस योजना की पात्र है।
  2. बच्चे: 18 वर्ष से कम आयु के वे सभी बच्चे जो घर के भीतर किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं, वे इस योजना के दायरे में आते हैं।
  3. कोई सीमा नहीं: इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी विशेष जाति, धर्म या आय सीमा (Income Limit) की कोई बाध्यता नहीं है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निवासी इसके लिए समान रूप से पात्र हैं।

कहाँ और कैसे करें शिकायत दर्ज?

संकट की घड़ी में उलझन से बचने के लिए सरकार ने शिकायत की प्रक्रिया को सीधा और सुलभ बनाया है। पीड़ित व्यक्ति या उसका कोई शुभचिंतक नीचे दिए गए माध्यमों से संपर्क कर सकता है:

  • संरक्षण अधिकारी (Protection Officer): प्रत्येक जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS) कार्यालय में इसके लिए विशेष अधिकारी नियुक्त होते हैं।
  • महिला हेल्पलाइन नंबर (181/1091): किसी भी समय मदद के लिए इन टोल-फ्री नंबर्स पर कॉल की जा सकती है।
  • सखी वन स्टॉप सेंटर: जिले के प्रमुख अस्पतालों या चिन्हित स्थानों पर स्थित इन केंद्रों पर सीधे जाकर मदद मांगी जा सकती है।
  • नजदीकी थाना: स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर भी इस योजना के अंतर्गत मदद की गुहार लगाई जा सकती है।

समाज में उषा किरण योजना का प्रभाव और आवश्यकता

Usha Kiran Yojana सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन हजारों खामोश आवाजों को ताकत देने का जरिया है जो बरसों से जुल्म सह रही थीं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र बनाने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जब एक महिला सुरक्षित होती है, तो पूरा परिवार सुरक्षित होता है।

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