Sindhu Darshan Yojana 2026: अगर आप मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और लद्दाख की बर्फीली वादियों में पवित्र सिंधु नदी के दर्शन करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक कड़क खबर है। एमपी सरकार की ‘सिंधु दर्शन योजना’ (Sindhu Darshan Scheme) के तहत अब श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए तगड़ी आर्थिक मदद दी जा रही है।
अक्सर लोग बजट की टेंशन में लद्दाख जैसे ट्रिप टाल देते हैं, लेकिन अब सरकार आपकी जेब का बोझ हल्का करने वाली है। सरकार यात्रा के खर्च का एक बड़ा हिस्सा खुद उठाएगी, ताकि आप बिना किसी फिक्र के भक्ति और एडवेंचर का मजा ले सकें। आइए जानते हैं इस स्कीम की पूरी एबीसीडी।
स्कीम का तड़का: सीधा बैंक खाते में आएगा पैसा!
इस योजना की सबसे चटपटी बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार तीर्थयात्रियों को उनके कुल खर्चे का 50% पैसा वापस (Reimburse) कर रही है। सरकार ने इसके लिए अधिकतम ₹10,000 प्रति यात्री की लिमिट तय की है।
इसका सीधा मतलब है कि अगर आपकी यात्रा में ₹20,000 या उससे ज्यादा खर्च हुए हैं, तो ₹10,000 सीधे आपके अकाउंट में आ जाएंगे। बस शर्त यह है कि आपको अपने सफर के दौरान हुए खर्चे के सारे पक्के बिल और सबूत संभालकर रखने होंगे।
कौन-कौन है इस रेस में शामिल? पात्रता की शर्तें
सरकार ने इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए कुछ सिंपल नियम बनाए हैं:
- सबसे पहले, आप मध्य प्रदेश के परमानेंट निवासी होने चाहिए।
- आपका सिलेक्शन एमपी के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की लिस्ट में होना जरूरी है।
- आवेदक इनकम टैक्स (ITR) भरने वाला नहीं होना चाहिए।
- इस सरकारी मदद का लाभ आप अपनी पूरी लाइफ में सिर्फ एक बार ही ले सकते हैं।
लॉटरी सिस्टम: कैसे चमकेगी आपकी किस्मत?
लद्दाख जाने वालों की भीड़ ज्यादा और कोटा सीमित होने की वजह से, जिला कलेक्टर आवेदन मंगाते हैं। अगर कोटा से ज्यादा फॉर्म पहुंच जाते हैं, तो कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी (Draw of Lots) निकाली जाती है।
खास बात ये है कि अगर पति-पत्नी ने साथ अप्लाई किया है, तो उन्हें एक ही यूनिट माना जाता है—यानी सिलेक्शन हुआ तो दोनों का साथ होगा। इसके अलावा 10% लोगों की एक वेटिंग लिस्ट भी तैयार की जाती है ताकि अगर कोई कन्फर्म यात्री न जा पाए, तो वेटिंग वाले को चांस मिल सके।
ये कागज हैं जरूरी: फाइल कर लें तैयार
अगर आपका नाम लिस्ट में आ जाता है, तो पैसे क्लेम करने के लिए आपको इन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी:
- आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो।
- एमपी का मूल निवासी प्रमाण पत्र।
- यात्रा के खर्चे के पक्के बिल और सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करने का सर्टिफिकेट।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि पैसा सीधे खाते में क्रेडिट हो सके)।
कैसे करें अप्लाई: आसान है प्रोसेस
यात्रा पूरी करके लौटने के बाद आपको 60 दिनों के भीतर अपने जिले के कलेक्टर ऑफिस में निर्धारित फॉर्म जमा करना होगा। फॉर्म के साथ अपने सारे बिल और डॉक्यूमेंट्स नत्थी करें। कलेक्टर ऑफिस आपके रिकॉर्ड की जांच करेगा और सब सही पाए जाने पर ग्रांट का पैसा आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।







