MP Ladli Laxmi Yojana 2.0: बेटी के जन्म से कॉलेज तक ₹1.43 लाख कैसे मिलते हैं? पूरी प्रक्रिया जानें . मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि प्रदेश की लाखों बेटियों के सुनहरे भविष्य की नींव है।
इस योजना का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बेटी पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और न ही उसका विवाह कच्ची उम्र में हो। वर्तमान में 2025 के दौरान, सरकार ने इस प्रक्रिया को और भी सरल और डिजिटल बना दिया है ताकि हर पात्र परिवार बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे इसका लाभ उठा सके।
योजना का वित्तीय ढांचा
लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार बेटी के नाम पर कुल ₹1,43,000 का आश्वासन प्रमाण पत्र जारी करती है। यह राशि एकमुश्त न मिलकर अलग-अलग चरणों में बेटी की जरूरतों के हिसाब से दी जाती है:
- प्रारंभिक चरण: पंजीकरण के बाद पहले 5 वर्षों तक हर साल ₹6,000 की राशि बालिका के नाम से सरकार द्वारा जमा की जाती है।
- स्कूली शिक्षा प्रोत्साहन: * कक्षा 6 में प्रवेश पर: ₹2,000
- कक्षा 9 में प्रवेश पर: ₹4,000
- कक्षा 11 और 12 में प्रवेश पर: ₹6,000 प्रत्येक (कुल ₹12,000)
- उच्च शिक्षा सहायता (लाड़ली लक्ष्मी 2.0): यदि बेटी 12वीं के बाद स्नातक (Graduation) या कम से कम 2 वर्ष के प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेती है, तो उसे ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दो समान किस्तों में प्रदान की जाती है।
- अंतिम भुगतान: जब लाड़ली बेटी 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेती है, 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो चुकी होती है और उसका विवाह 18 वर्ष (कानूनी आयु) के बाद होता है, तब उसे ₹1,00,000 की अंतिम बड़ी राशि का भुगतान किया जाता है।
कौन बन सकता है लाड़ली लक्ष्मी?
योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश शासन ने कुछ स्पष्ट नियम बनाए हैं:
- निवास व जन्म: बालिका का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ हो और माता-पिता मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी हों।
- पंजीकरण: जन्म के एक वर्ष के भीतर आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
- पारिवारिक स्थिति: आवेदक के माता-पिता आयकर दाता (Income Tax Payer) नहीं होने चाहिए।
- संतान नियम: परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए। पहली बेटी के मामले में परिवार नियोजन की शर्त नहीं है, लेकिन दूसरी संतान के जन्म के बाद माता या पिता को परिवार नियोजन अपनाना अनिवार्य है।
विशेष परिस्थितियों में मिलने वाली छूट
सरकार ने मानवीय आधार पर कुछ मामलों में नियमों को लचीला बनाया है:
- अनाथ बालिकाएं: अनाथालयों में रहने वाली या गोद ली गई बेटियों को भी योजना का पूर्ण लाभ मिलता है।
- जेल और स्वास्थ्य: जेल में बंद महिलाओं की बेटियां या स्वास्थ्य कारणों से परिवार नियोजन न करा पाने वाले परिवारों को कलेक्टर की अनुमति से लाभ दिया जाता है।
- बहु-प्रसव: यदि पहले प्रसव में एक बेटी और दूसरे प्रसव में जुड़वां बेटियां होती हैं, तो तीनों बेटियों को योजना का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
अब आपको आवेदन के लिए किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। आप ladlilaxmi.mp.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेजों की सूची:
- बालिका का स्वयं का समग्र आईडी और परिवार का समग्र आईडी।
- माता-पिता का आधार कार्ड।
- बालिका की माता/पिता के साथ नवीनतम फोटो।
- स्थायी निवासी प्रमाण पत्र।
- दूसरी बेटी के मामले में परिवार नियोजन का प्रमाण पत्र।
आवेदन जमा करने के बाद संबंधित परियोजना कार्यालय द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है और सब सही पाए जाने पर डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। यह योजना न केवल बेटियों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर सशक्त महिला नेतृत्व तैयार कर रही है।










